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वर्तमान समय में Students के लिए Psychology एक लोकप्रिय विषय बनता जा रहा है जिस वजह से हर साल लाखों छात्र Psychology को Career के लिए चुन रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं बढ़ती ही जा रही है जो छात्र 12वीं कक्षा में Humanities लेते हैं उनमें से ज्यादातर Students Psychology  का ही चयन करते है। यही वजह है कि जिन कॉलेजों में साइकॉलजी का कोर्स है वहां की कट ऑफ में लगातार वृद्धि देखी जा सकती है। इसके अलावा भी कई छात्र ऐसे हैं जिन्हें से साइकोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषय के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। और यह छात्र जानकारी ना होने की वजह से Career के इस महत्वपूर्ण विकल्प को नजरअंदाज कर देते हैं।


What Is Psychology?

Psychology या मनोविज्ञान मानव व्यवहार और उनके मन को समझने का एक अध्ययन है। इसमें मनुष्य के मस्तिष्क को पढ़ा जाता है तथा उनके सवालों को बताया जाता है। आसान शब्दों में समझें तो साइकॉलजी में मनुष्य के व्यवहार और उसके दिमाग को पढ़ा जाता है। मनुष्य के मन में जितने भी समस्याएं चल रही होती हैं psychologist उन्हें खत्म करता है जिन स्टूडेंट्स को मानव व्यवहार में दिलचस्पी होती है वे कैरियर के इस क्षेत्र को चुन सकते हैं। और साइकोलॉजिस्ट के रूप में नाम कमा सकते हैं। आइए जानते हैं कि Psychologist बनने के लिए आपको कौन सी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है।

Courses:

Psychology में कई तरह के कॉर्सेज करवाए जाते हैं। उन Courses में से हम कुछ Popular Courses के बारे में बताने जा रहे हैं। जो कि निम्नलिखित है:-

  • बीए ऑनर्स इन Psychology 
  • एमए इन साइकोलॉजी
  • एमएससी इन Psychology 
  • पीजी डिप्लोमा इन साइकोलॉजी
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Top Institutes:

वैसे तो आज कई सरकारी और गैर सरकारी यूनिवर्सिटी Psychology में कई कोर्स करवाते हैं। इसके साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी साइकोलॉजी का कोर्स करवाया जा रहा है जिसमें ढेरों स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं। यही वजह है कि इन कोर्सेज की कट ऑफ 98% से भी ऊपर चली जाती है। हम आपको कुछ प्रमुख संस्थानों के नाम बताने जा रहे हैं जहां से आप इन कॉर्सेज को कर सकते हैं:-

Academic Qualification:

इन कोर्सेज में एडमिशन के लिए आपको अलग-अलग शिक्षण संस्थानों के eligibility क्राइटेरिया को फॉलो करना जरूरी होता है वैसे तो हर शिक्षण संस्था की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया अलग-अलग होती है हम आपको नीचे मिनिमम एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बारे में बता रहे है:-

  • अगर आप Psychology में Graduation करना चाहते हैं या बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12वीं में 50 फीसदी अंक लाना जरूरी है। 
  • अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर साइकॉलजी करना चाहते हैं या पीजी डिप्लोमा इन साइकॉलजी करना चाहते है तो इसके लिए आपको ग्रेजुएशन में 55 फीसदी अंक लाना जरूरी है। 
  • वही एमफिल और पीएचडी करने के इच्छुक Students के पास Psychology में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है।
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Career Options:

एक बार जब आप ऊपर बताए गए Courses को पूरा कर लेते हैं तब आपके पास रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद होंगी। कई सरकारी व प्राइवेट अस्पताल, स्कूल, यूनिवर्सिटी, प्राइवेट इंडस्ट्रीज तथा रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन साइकोलॉजिस्ट की मांग करते हैं। इसके अलावा psychology के क्षेत्र में करियर के कई Options हैं इनमें से कुछ करियर ऑप्शंस के बारे में नीचे बताया जा रहा है:-

  • करियर काउंसलर
  • फॉरेंसिक साइकॉलजिस्ट
  • क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट
  • करियर काउंसलर
  • ऑर्गनाइजेशनल साइकॉलजिस्ट
  • मनोविज्ञानी
  • मनोचिकित्सक
  • समाज सेवक
  • काउंसलर
  • शैक्षिक मनोवैज्ञानिक
  • मानव संसाधन प्रबंधक
  • अध्यापक
  • चार्टर्ड मनोवैज्ञानिक

Salary:

Psychology के कोर्स को करने के बाद आपका मासिक वेतन 20,000 से 25,000 तक हो सकता है। एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ आपका आपकी सैलरी 50,000 तक पहुंच सकती है। इतना ही नहीं आप अपना एक लेने खोल सकते हैं इस क्लीनिक से अर्जित राशि आपके पास आने वाले Clients पर निर्भर करती है।

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इस पोस्ट के माध्यम से आप यह तो जान गए होंगे कि psychology में करियर की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। भारत में भी लगातार साइकोलॉजिस्टिक की मांग बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में करियर बनाना आपके लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

By – Bharti

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So this is the end of the post Psychology as a Career In India. Hope You Enjoyed it. Here are more Career Related Blog Posts.

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